धारा 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (Cheque Bounce Case): पूरी कानूनी प्रक्रिया, दस्तावेज़ चेकलिस्ट और सजा – 2026 गाइड

 

धारा 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत चेक बाउंस केस की कानूनी प्रक्रिया, लीगल नोटिस, जरूरी दस्तावेज़ और सजा

धारा 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (Cheque Bounce Case): पूरी कानूनी प्रक्रिया, दस्तावेज़ चेकलिस्ट और सजा – 2026 गाइड


⚖️ धारा 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट

(Cheque Bounce Case) – पूरी कानूनी प्रक्रिया, दस्तावेज़ चेकलिस्ट और सजा


🔎 Section 138 NI Act क्या है? (Cheque Bounce Law Explained)

जब कोई व्यक्ति या संस्था कानूनी रूप से देय राशि के भुगतान हेतु चेक जारी करती है और वह चेक बैंक द्वारा अनादर (Dishonour) कर दिया जाता है, तो ऐसे मामले में धारा 138, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के अंतर्गत आपराधिक अपराध बनता है।

सरल शब्दों में:

चेक दिया → बैंक से बाउंस हुआ → समय पर भुगतान नहीं हुआ = धारा 138 लागू


📌 Cheque Bounce के मुख्य कारण

  • ❌ अपर्याप्त धनराशि (Insufficient Funds)
  • ❌ अकाउंट बंद (Account Closed)
  • ❌ पेमेंट स्टॉप (Payment Stopped)
  • ❌ सिग्नेचर मिसमैच
  • ❌ एक्सपायर्ड चेक

👉 टेक्निकल कारणों पर भी धारा 138 लागू हो सकती है, अगर देयता साबित हो जाए।


🧾 धारा 138 लागू होने के लिए आवश्यक शर्तें

धारा 138 के केस में सभी शर्तों का पूरा होना अनिवार्य है:

1️⃣ चेक कानूनी देयता या ऋण के भुगतान हेतु दिया गया हो
2️⃣ चेक बैंक में प्रस्तुत किया गया हो (वैधता अवधि में)
3️⃣ चेक बाउंस हुआ हो
4️⃣ 30 दिनों के भीतर कानूनी नोटिस भेजा गया हो
5️⃣ नोटिस मिलने के 15 दिन के भीतर भुगतान नहीं हुआ हो
6️⃣ इसके बाद 30 दिनों के अंदर शिकायत दायर की गई हो

❗ इनमें से एक भी स्टेप गलत हुआ तो केस खारिज हो सकता है।


📮 Cheque Bounce Case में Legal Notice क्यों ज़रूरी है?

कानूनी नोटिस:

  • आरोपी को अंतिम अवसर देता है
  • कोर्ट में अनिवार्य सबूत होता है
  • बिना नोटिस केस Maintainable नहीं होता

📌 नोटिस आमतौर पर:

  • RPAD / Speed Post
  • Courier
    के माध्यम से भेजा जाता है।

🗂️ Section 138 Case – जरूरी दस्तावेज़ (Checklist)

नीचे दी गई डॉक्यूमेंट चेकलिस्ट हर Cheque Bounce केस में आवश्यक होती है:

📑 Court Filing Documents

  • Index Sheet
  • Proceeding Sheet
  • Office Note

📝 Complaint Documents

  • शिकायत U/s 200 CrPC
  • Sworn Affidavit
  • Affidavit U/s 145 NI Act
  • Vakalatnama
  • Authorization / GPA / SPA (कंपनी केस में)

💳 Bank Related Documents

  • चेक की प्रति
  • बैंक रिटर्न मेमो (Dishonour Memo)

📮 Legal Notice Documents

  • कानूनी नोटिस की प्रति
  • पोस्टल रसीद (RPAD)
  • पोस्टल एक्नॉलेजमेंट / ट्रैक रिपोर्ट

👉 सभी डॉक्यूमेंट्स की Xerox/Photostat कॉपी भी मान्य होती है, मूल दस्तावेज़ ट्रायल में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।


⚖️ Cheque Bounce Case कहां दायर किया जाता है?

धारा 138 का केस निम्न स्थानों में से किसी एक में दायर किया जा सकता है:

  • जहां बैंक शाखा स्थित हो
  • जहां चेक प्रस्तुत किया गया
  • जहां नोटिस भेजा गया
  • जहां शिकायतकर्ता का बैंक है

⏳ Cheque Bounce Case की समय सीमा (Limitation)

चरण समय सीमा
नोटिस भेजना 30 दिन
भुगतान का समय 15 दिन
केस फाइल करना 30 दिन

👉 समय सीमा का उल्लंघन = केस खारिज होने की संभावना।


🔐 धारा 138 में सजा क्या है?

धारा 138 NI Act के तहत:

  • ✔️ 2 साल तक की सजा
  • ✔️ चेक राशि का दोगुना जुर्माना
  • ✔️ या दोनों

अधिकांश मामलों में:

मुआवजा (Compensation) और समझौता (Compounding) को प्राथमिकता दी जाती है।


🤝 क्या Cheque Bounce Case में समझौता हो सकता है?

हाँ ✔️
धारा 138 Compoundable Offence है।

समझौता हो सकता है:

  • नोटिस स्टेज पर
  • कोर्ट केस के दौरान
  • अपील के समय भी

🧠 महत्वपूर्ण कानूनी सुझाव (Expert Tips)

  • बिना देयता के चेक न लें
  • नोटिस में सटीक विवरण लिखें
  • तारीखों में एक भी गलती केस बिगाड़ सकती है
  • कंपनी केस में अथॉराइजेशन डॉक्यूमेंट अनिवार्य है

🏁 निष्कर्ष (Conclusion)

धारा 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट का उद्देश्य

व्यापारिक लेन-देन में विश्वास बनाए रखना है।

Cheque Bounce कोई साधारण मामला नहीं है, बल्कि यह आपराधिक दायित्व पैदा करता है।
इसलिए समय, दस्तावेज़ और प्रक्रिया का पालन अत्यंत आवश्यक है।


📌 Disclaimer:

यह लेख सामान्य कानूनी जानकारी हेतु है। किसी विशेष मामले में योग्य अधिवक्ता से परामर्श अवश्य लें।


❓ FAQ 1: धारा 138 NI Act क्या है?

उत्तर:

धारा 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत चेक बाउंस होना एक आपराधिक अपराध है, जिसमें 2 साल तक की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

❓ FAQ 2: Cheque Bounce Case में कितने दिन के अंदर नोटिस भेजना जरूरी है?

उत्तर:

चेक बाउंस की जानकारी मिलने के 30 दिनों के अंदर कानूनी नोटिस भेजना अनिवार्य है।

❓ FAQ 3: क्या बिना लीगल नोटिस के धारा 138 का केस हो सकता है?

उत्तर:

नहीं। बिना कानूनी नोटिस के धारा 138 का केस Maintainable नहीं होता।

❓ FAQ 4: धारा 138 केस में कौन-कौन से दस्तावेज़ लगते हैं?

उत्तर:

चेक की प्रति, बैंक रिटर्न मेमो, लीगल नोटिस, पोस्टल रसीद, शिकायत, शपथ-पत्र और वकालतनामा आवश्यक होते हैं।

❓ FAQ 5: Cheque Bounce Case कहां दायर किया जाता है?

उत्तर:

जहां शिकायतकर्ता का बैंक स्थित है या जहां चेक प्रस्तुत किया गया, वहां की मजिस्ट्रेट कोर्ट में केस दायर किया जाता है।

❓ FAQ 6: क्या Cheque Bounce Case में समझौता हो सकता है?

उत्तर:

हाँ। धारा 138 एक Compoundable Offence है, इसलिए किसी भी स्टेज पर समझौता संभव है।

ये भी देखें=

👉 “BNSS 2023 के तहत गिरफ्तारी के नियम”

👉 “कानूनी नोटिस कैसे भेजें”

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