वारंट के बावजूद आरोपी कोर्ट में पेश न हो तो क्या करें? BNSS 2023 की धारा 80, 81, 82 से समझें पूरा कोर्ट प्रोसेस Updated for 2026

BNSS 2023 के तहत गैर जमानती वारंट के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कराने की कानूनी प्रक्रिया



कोर्ट द्वारा जमानती या गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद भी आरोपी पेश न हो तो क्या प्रक्रिया है?

(BNSS 2023 की धाराएँ 80, 81, 82 के अनुसार)


भूमिका (Introduction)

अक्सर लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि जब अदालत द्वारा जमानती (Bailable) या गैर-जमानती (Non-Bailable) वारंट जारी कर दिया जाए, फिर भी पुलिस आरोपी को बार-बार तारीखें पड़ने के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं कर पा रही हो, तो कानून आगे क्या रास्ता बताता है

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 (BNSS) ने इस स्थिति के लिए एक स्पष्ट कोर्ट-प्रोसेस तय किया है, जो केवल गिरफ्तारी नहीं बल्कि अंतर-जिला और अंतर-राज्य स्तर पर वारंट के निष्पादन की प्रक्रिया बताता है।

यह लेख BNSS 2023 की धाराएँ 80, 81 और 82 के आधार पर उस पूरे कानूनी रास्ते को सरल भाषा में समझाता है।

📌 यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, इसे कानूनी सलाह न माना जाए।


जब वारंट कोर्ट के क्षेत्र से बाहर लागू करना हो – धारा 80 BNSS

(Warrant forwarded for execution outside jurisdiction)

यदि आरोपी उस जिले या राज्य में मौजूद नहीं है जहाँ से वारंट जारी हुआ है, तो:

  • अदालत वारंट को:

    • Executive Magistrate
    • District Superintendent of Police
    • Commissioner of Police

    के पास सीधे भेज सकती है, जहाँ आरोपी के होने की संभावना है।

  • साथ में अदालत को:

    • आरोपी के विरुद्ध आरोपों का सार
    • आवश्यक दस्तावेज

    भी भेजने होते हैं, ताकि आगे की अदालत यह तय कर सके कि जमानत दी जाए या नहीं

📌 इसका मतलब:
अब यह बहाना नहीं चल सकता कि “आरोपी दूसरे जिले में है”


पुलिस द्वारा दूसरे जिले में वारंट कैसे लागू किया जाता है – धारा 81 BNSS

जब वारंट किसी पुलिस अधिकारी को दिया गया हो और उसे अपने जिले से बाहर जाकर लागू करना हो, तो:

सामान्य प्रक्रिया:

  • पुलिस अधिकारी:

    • वहाँ के Executive Magistrate
    • या थाना प्रभारी (SHO) से

    endorsement (अनुमोदन) लेता है।

  • स्थानीय पुलिस उस अधिकारी की सहायता करने के लिए बाध्य होती है

आपात स्थिति में:

  • यदि endorsement लेने में देरी से आरोपी फरार हो सकता है,
    तो पुलिस बिना endorsement के भी सीधे गिरफ्तारी कर सकती है।

📌 यह धारा पुलिस की शक्ति और जिम्मेदारी दोनों स्पष्ट करती है।


दूसरे जिले में गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कहाँ पेश किया जाएगा – धारा 82 BNSS

जब आरोपी को जिले के बाहर गिरफ्तार किया जाता है:

  • आरोपी को:

    • Executive Magistrate
    • या District SP
    • या Commissioner of Police

    के समक्ष पेश किया जाएगा (यदि issuing court 30 किमी के भीतर नहीं है)

  • साथ ही:

    • जिस जिले में गिरफ्तारी हुई
    • और जहाँ आरोपी सामान्यतः रहता है

    वहाँ के designated police officer को तुरंत सूचना देना अनिवार्य है।

📌 इससे आरोपी को गुप्त हिरासत या गायब करने की संभावना समाप्त होती है।


जब पुलिस बार-बार असफल हो रही हो तो कोर्ट क्या कर सकता है?

BNSS की इन धाराओं के आधार पर अदालत:

  • अंतर-जिला पुलिस सहयोग का आदेश दे सकती है
  • वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप सकती है
  • आगे की कठोर प्रक्रिया (जैसे उद्घोषणा आदि) के लिए रास्ता खोल सकती है

👉 यानी कोर्ट के पास आरोपी को पेश करवाने के कानूनी औज़ार मौजूद हैं


आम भाषा में निष्कर्ष (Conclusion)

यदि:

  • कोर्ट ने वारंट जारी कर दिया है
  • आरोपी पेश नहीं हो रहा
  • पुलिस बहाने बना रही है

तो BNSS 2023 की धाराएँ 80, 81 और 82 यह स्पष्ट करती हैं कि:

आरोपी को कोर्ट के सामने लाने की प्रक्रिया कानून में पूरी तरह मौजूद है।

समस्या कानून की नहीं, जानकारी की कमी की है।


⚖️ Disclaimer

यह लेख केवल शैक्षणिक एवं कानूनी जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है।
किसी भी विशेष मामले में योग्य अधिवक्ता से परामर्श आवश्यक है।


✍️ Author: Akash Purohit
Role: Legal Researcher
Last Updated: 18 January 2026




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